पीजी कॉलेज बारां शुल्क विवाद पर एबीवीपी का चक्काजाम

By Arjun Singh

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पीजी कॉलेज बारां शुल्क विवाद पर एबीवीपी का चक्काजाम

बारां। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बारां में भूगोल विषय के प्रायोगिक शुल्क को लेकर छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। विद्यार्थियों से कथित रूप से दो बार प्रायोगिक शुल्क वसूले जाने तथा छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोपों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने शुक्रवार को कॉलेज तिराहे पर प्रदर्शन करते हुए मानव शृंखला बनाई और चक्काजाम किया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा तथा मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को पहुंचना पड़ा।

एबीवीपी जिला संयोजक रोहित मीणा ने बताया कि भूगोल विषय के विद्यार्थियों से प्रायोगिक परीक्षा के नाम पर दो बार शुल्क जमा करवाया गया। छात्रों ने जब अतिरिक्त जमा राशि वापस करने और मामले की जांच की मांग की तो उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर पहुंचे विद्यार्थियों के साथ कॉलेज प्रशासन की ओर से अभद्र व्यवहार भी किया गया, जिससे विद्यार्थियों में रोष व्याप्त हो गया।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी कॉलेज तिराहे पर एकत्रित हुए और मानव शृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद छात्रों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के चलते मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।

मानव शृंखला बनाकर जताया विरोध

विरोध प्रदर्शन के तहत कॉलेज तिराहे पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए और मानव शृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कुछ समय के लिए सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मामले की सूचना मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक हरिराम सोनी, शहर कोतवाली सीआई हीरालाल पुनिया, तहसीलदार दशरथ मीणा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों को सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद विद्यार्थियों ने जाम समाप्त किया।

प्राचार्य पर कार्रवाई की मांग

एबीवीपी पदाधिकारियों ने कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मुनीष चंद्र शर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। छात्रों ने मांग की कि जिन विद्यार्थियों से अतिरिक्त शुल्क जमा करवाया गया है, उनकी राशि शीघ्र लौटाई जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो इसके लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।उधर कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया कि विश्वविद्यालय स्तर पर हुए कुछ प्रशासनिक निर्णयों और विद्यार्थियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया के कारण शुल्क से संबंधित स्थिति बनी थी। प्रशासन का कहना है कि जिन विद्यार्थियों से अतिरिक्त राशि जमा हुई है, उन्हें नियमानुसार राशि वापस की जाएगी। साथ ही छात्रों द्वारा उठाए गए अन्य बिंदुओं पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल ने दिया समर्थन

प्रदर्शन के दौरान भाजपा के पूर्व विधायक एवं एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामपाल मेघवाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों की मांगों को उचित बताते हुए कहा कि यदि विद्यार्थियों से अतिरिक्त शुल्क वसूला गया है तो राशि तुरंत वापस की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।मेघवाल ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ कदम नहीं उठाए गए तो संगठन जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। परिषद का कहना है कि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रिपोर्ट : खबर सेतु, बारां (अर्जुन सिंह)

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