जयपुर: राजस्थान में आगामी पंचायत राज और नगरीय निकाय चुनावों को एक साथ कराने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में राजस्थान पंचायत व निकाय चुनाव को ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की अवधारणा के तहत कराने का निर्णय लिया गया।
सरकार के फैसले के साथ ही पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों में एससी, एसटी तथा ओबीसी वर्ग के लिए सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरक्षित सीटों के निर्धारण के लिए अब लॉटरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राजस्थान पंचायत व निकाय चुनाव एक साथ कराने का फैसला
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत राज और स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग समय पर होने से विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है।
सरकार का मानना है कि दोनों चुनावों को एक व्यवस्था के तहत कराने से समय, श्रम और संसाधनों की बचत होगी। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2024-25 के बजट में नगरीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की अवधारणा पर कराने की घोषणा की थी।
अब मंत्रिमंडल के फैसले के बाद राजस्थान पंचायत व निकाय चुनाव को एक साथ कराने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चुनाव की अंतिम तारीख और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी संबंधित चुनाव प्रक्रिया के तहत सामने आएगी।
राजस्थान पंचायत व निकाय चुनाव में आरक्षण की लॉटरी
बैठक में राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग की सिफारिशों को भी स्वीकार किया गया। आयोग की अनुशंसाएं 5 अगस्त 2026 को राज्य सरकार को प्राप्त हुई थीं।
सरकार की ओर से बताया गया कि इन सिफारिशों को स्वीकार किए जाने के बाद नगरीय निकाय और पंचायत राज अधिनियम में एससी, एसटी के साथ ओबीसी आरक्षण का प्रावधान किए जाने का रास्ता साफ हुआ है।
अब संबंधित वर्गों के लिए आरक्षित सीटों के निर्धारण की लॉटरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में विभिन्न सीटों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
फैसले के प्रमुख बिंदु
- पंचायत राज और नगरीय निकाय चुनाव एक साथ कराने का निर्णय।
- ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की अवधारणा को लागू करने की दिशा में कदम।
- एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
- आरक्षित सीटों के निर्धारण के लिए लॉटरी शुरू होगी।
- ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग की सिफारिशें स्वीकार की गईं।
- मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए गए।
प्रभारी मंत्री जिलों का करेंगे दौरा
मंत्रिपरिषद की बैठक में मानसून और भारी बारिश से पैदा हुई परिस्थितियों की भी समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करेंगे।
दौरे के दौरान मंत्री विद्युत, पेयजल, सड़क, चिकित्सा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि भारी बारिश के कारण आमजन को परेशानी न हो और जरूरी जनसेवाएं लगातार जारी रहें।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण नीति को मंजूरी
बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े फैसले भी लिए गए। मंत्रिमंडल ने राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 तथा राजस्थान फूड पार्क विकास नीति-2026 को मंजूरी दी।
इसके अलावा ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट पॉलिसी लाने तथा पर्यावरण संरक्षण और श्रम सुधारों से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।
अब आगे क्या होगा?
राजस्थान पंचायत व निकाय चुनाव को लेकर सरकार के फैसले के बाद अब चुनाव संबंधी आगामी प्रक्रियाओं पर नजर रहेगी। आरक्षित सीटों के निर्धारण के लिए लॉटरी प्रक्रिया शुरू होने के बाद अलग-अलग निकायों और पंचायतों में आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट होगी।
चुनाव की तारीख, कार्यक्रम और अन्य औपचारिक जानकारी संबंधित सरकारी एवं निर्वाचन प्राधिकरणों की आधिकारिक घोषणाओं के अनुसार सामने आएगी। पाठकों को चुनाव से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए।










