जालोर में 80 वर्षीय महिला की बंद पेंशन, कलेक्टर ने कराई शुरू

By Arjun Singh

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जालोर में 80 वर्षीय दृष्टिहीन महिला की बंद पेंशन शुरू कराने के निर्देश देते कलेक्टर

जालोर महिला पेंशन का यह मामला राजस्थान के सरकारी सिस्टम की खामियों और संवेदनशील प्रशासन की एक मिसाल बन गया। जालोर जिले के जेतपुरा गांव की 80 वर्षीय दृष्टिहीन कोकु देवी पिछले पांच वर्षों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए भटक रही थीं। गुरुवार को जब वह व्हीलचेयर पर कलेक्ट्रेट पहुंचीं तो कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने स्वयं बाहर आकर उनकी समस्या सुनी और मौके पर ही अधिकारियों को पेंशन दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए।

जालोर महिला पेंशन मामले में कलेक्टर ने तुरंत दिए निर्देश

कोकु देवी की सामाजिक सुरक्षा पेंशन करीब पांच साल पहले बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उंगलियों के निशान मशीन से मेल नहीं खाने के कारण बंद हो गई थी। इसके बाद परिवार ने एसडीएम कार्यालय, तहसील और संबंधित विभागों के कई चक्कर लगाए, लेकिन समाधान नहीं मिला।

गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचने पर सुरक्षाकर्मी ने उन्हें व्हीलचेयर उपलब्ध कराई। कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने गैलरी में ही उनकी पूरी बात सुनी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को बुलाकर पेंशन जल्द शुरू कराने तथा पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

5 साल तक सिस्टम में अटकी रही पेंशन

कोकु देवी के पति का निधन करीब 20 वर्ष पहले कैंसर से हो चुका है। इसके बाद दोनों बेटों की भी मौत हो गई। अब परिवार में केवल महिलाएं और एक पोती हैं। ऐसे में उनकी आजीविका का प्रमुख सहारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन थी, जो तकनीकी कारणों से बंद हो गई थी।

इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया कि यदि कुछ मिनटों में समाधान संभव था, तो एक बुजुर्ग महिला को पांच वर्षों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर क्यों लगाने पड़े। कलेक्टर ने अधिकारियों को वरिष्ठ नागरिकों के मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश भी दिए।

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