अंता (बारां)। राजस्थान के अंता नगर के युवा सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन सिंह बरखेड़ा आज अपने समर्पण, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक कार्यों के कारण युवाओं के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाले अर्जुन सिंह ने अपने परिश्रम और संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से समाज में एक अलग पहचान बनाई है।
अर्जुन सिंह बरखेड़ा का जन्म 3 फरवरी 2002 को अंता नगर में हुआ। उनके पिता श्री राम चरण सिंह एक मेहनती किसान हैं, जबकि माता श्रीमती पद्मावती कंवर सादगी और संस्कारों की प्रतिमूर्ति हैं। ग्रामीण वातावरण में पले-बढ़े अर्जुन सिंह ने बचपन से ही मेहनत, अनुशासन और समाजसेवा के मूल्यों को अपनाया।
अर्जुन सिंह बरखेड़ा की शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण
अर्जुन सिंह वर्तमान में एम.ए. प्रथम वर्ष के विद्यार्थी हैं। इसके साथ ही उन्होंने फायर सेफ्टी में डिग्री भी प्राप्त की है। शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी प्रशिक्षण ने उनके व्यक्तित्व को और अधिक मजबूत बनाया है।
अर्जुन सिंह बरखेड़ा ने कार्यजीवन की शुरुआत
अपने कार्यजीवन की शुरुआत अर्जुन सिंह ने गुजरात में SMG कंपनी में कार्य करते हुए की। यह उनके जीवन का पहला व्यावसायिक अनुभव था, जिसने उन्हें आत्मनिर्भरता, अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण की सीख दी।
संगठनात्मक और सामाजिक योगदान
साल 2018 से अर्जुन सिंह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जुड़े हुए हैं। संगठन के माध्यम से उन्होंने छात्र हित, राष्ट्र सेवा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है।वर्तमान में वे अंता नगर के नगर मंत्री के पद पर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में कई सामाजिक, शैक्षणिक और युवाओं को जागरूक करने वाले कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया है।
अर्जुन सिंह बरखेड़ा को गणतंत्र दिवस पर मिला सम्मान
26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर छात्र सेवा और सामाजिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान के लिए अर्जुन सिंह को उपखंड स्तर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और समाज के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
अर्जुन सिंह बरखेड़ा एक ऊर्जावान, अनुशासित और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित युवा हैं। उनका लक्ष्य शिक्षा, संगठन और समाजसेवा के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करना और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना है।




