बीकानेर जिले के बज्जू खालसा पंचायत समिति के वार्ड संख्या 1 में इस बार जेठानी और देवरानी के बीच चुनावी मुकाबला चर्चा में है। भाजपा ने नख्तू देवी चंदेल को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने रामप्यारी चंदेल को टिकट दिया है। दोनों प्रत्याशी एक ही परिवार से हैं और उनके पति सगे भाई हैं।
एक परिवार, दो प्रत्याशी और अलग-अलग राजनीतिक दल
बज्जू खालसा पंचायत समिति के वार्ड संख्या 1 में भाजपा और कांग्रेस ने एक ही परिवार की दो बहुओं को अपना प्रत्याशी बनाया है। भाजपा की ओर से दीपाराम चंदेल की पत्नी नख्तू देवी चंदेल चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस ने उनके छोटे भाई राजाराम चंदेल की पत्नी रामप्यारी चंदेल को प्रत्याशी बनाया है।
दोनों के ससुर का नाम रामूराम चंदेल बताया गया है। पारिवारिक रिश्ते एक होने के बावजूद दोनों अलग-अलग राजनीतिक दलों के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। इसी वजह से वार्ड का यह मुकाबला स्थानीय स्तर पर दिलचस्प माना जा रहा है।
प्रधान पद के आरक्षण से बदले चुनावी समीकरण
दी गई जानकारी के अनुसार, बज्जू खालसा पंचायत समिति के प्रधान पद पर इस बार अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षण होने से चुनावी समीकरण बदले हैं। प्रधान पद की दावेदारी को लेकर राजनीतिक दलों के सामने नए समीकरण बने हैं।
पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए उपयुक्त प्रत्याशियों का चयन करना भी प्रमुख दलों के लिए चुनौती रहा। इसी क्रम में वार्ड संख्या 1 से भाजपा और कांग्रेस ने एक ही परिवार की दो बहुओं को टिकट दिया है।
अब मतदाताओं के फैसले पर नजर
नख्तू देवी चंदेल और रामप्यारी चंदेल के सामने अपने-अपने दल के समर्थन को वोटों में बदलने की चुनौती होगी। दोनों प्रत्याशियों को मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए प्रयास करना होगा।
अब इस वार्ड में चुनावी मुकाबले का परिणाम मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा। देखना होगा कि जनता किस प्रत्याशी को अपना समर्थन देती है।





