राजस्थान में स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर करौली और सवाई माधोपुर से ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा नीचे गिरने की दो घटनाएं सामने आई हैं। दोनों घटनाएं आधिकारिक समारोहों के दौरान हुईं और इनके वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।
करौली में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा के ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा रस्सी सहित नीचे आ गिरा। वहीं, सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यवाहक कलेक्टर गौरव बुडानिया के सामने भी ध्वज नीचे गिरने की घटना सामने आई।
करौली में जिला कलेक्टर के सामने गिरा तिरंगा
करौली जिला मुख्यालय स्थित मुंशी त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ध्वजारोहण के लिए पहुंचे थे।
ध्वजारोहण के दौरान जैसे ही तिरंगे की डोरी खींची गई, ध्वज रस्सी सहित नीचे आकर कलेक्टर के पैरों के पास गिर गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए समारोह स्थल पर असहज स्थिति बन गई।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद व्यवस्था को ठीक किया गया और पुलिस के एक कांस्टेबल ने पोल पर चढ़कर डोरी बांधी। इसके बाद तिरंगे को दोबारा ऊपर फहराया गया।
सवाई माधोपुर में भी सामने आई ऐसी ही घटना
सवाई माधोपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान भी तिरंगा नीचे गिर गया। यहां जिला कलेक्टर कानाराम सीरवी की अनुपस्थिति में कार्यवाहक कलेक्टर गौरव बुडानिया ध्वजारोहण कर रहे थे।
ध्वजारोहण की प्रक्रिया के दौरान तिरंगा अचानक पोल से नीचे आ गिरा। घटना से वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी कुछ क्षण के लिए असहज हो गए। इस घटना को लेकर भी ध्वजारोहण से पहले की गई तैयारियों और व्यवस्था की जांच पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
दोनों घटनाओं के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण के दौरान ऐसी घटनाओं ने आयोजन की तैयारियों और ध्वज व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इन घटनाओं के लिए किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए जिम्मेदारी तय होने या कार्रवाई होने का दावा फिलहाल नहीं किया जा सकता।







